हर देश को चलाने के लिए कानून व्यवस्था का होना जरूरी है क्योंकि यह देश के लोगों को एक कानूनी दायरे में बांधे रखता है। देश में जैसे-जैसे जनसंख्या में इज़ाफ़ा होता जा रहा है वैसे ही दिन-प्रतिदिन अपराध की घटनाएं बढ़ती ही जा रही है। इन अपराधों पर लगाम लगाने के लिए कानून व्यवस्था का होना जरूरी है, जिसके लिए लोगों को न्यायालय का सहारा लेना पड़ता है। कानून व्यवस्था की सर्वोच्च संस्था न्यायालय मानी जाती है और न्यायालय में वकील की बात न हो तो यह बेमतलब होगा। यदि आप भी कानून के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो आपके लिए यह आर्टिकल बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि हम इसमें आपको बताएंगे कि एलएलएम क्या होता है तथा इसे कैसे कर सकते है।


एलएलएम (LLM) क्या होता है?
दरअसल, एएलएलएफ (LLM) का मतलब होता है मास्टर ऑफ लो (Master of Law) सीधे शब्दों में कहें तो इससे तात्पर्य है कि कानून में मास्टर की डिग्री हासिल करना। एलएलएम का कोर्स एक स्नातकोत्तर कोर्स होता है जो कि 2 साल का होता है तथा इसमें 4 सेमेस्टर होते हैं। इस कोर्स में आपको कानून से संबंधित शिक्षा दी जाती है जिसे करने के बाद आप हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में वकील के रूप में काम कर सकते हैं।

एलएलएम के लिए शैक्षणिक योग्यता

एलएलएम करने के इच्छुक छात्रों को निम्नलिखित शैक्षणिक योग्यताओं को हासिल करना जरूरी होता है:-

सबसे पहले आपको 12वीं पास करना होता है तथा 12वीं में कम से कम 50 फ़ीसदी अंक लाना अनिवार्य होता है।

12वीं करने के बाद आपको अपना स्नातक पूरा करना पड़ता है। लेकिन यदि आप 3 साल एलएलबी नहीं करना चाहते तो इसके विकल्प के तौर पर आप 12वीं के तुरंत बाद एलएलबी ऑनर्स कर सकते हैं। यह कोर्स सीधे आपको 12वीं के बाद मिल जाता है लेकिन यह कोर्स 5 वर्षीय होता है।

कानून में बैचलर की डिग्री यानी कि एलएलबी में आपको 50 फ़ीसदी अंक लाने अनिवार्य होते हैं।

एलएलएम करने की जरूरत आखिर क्यों है?
कई छात्रों के मन में यह सवाल जरूर होगा कि आखिर एलएलएम करने की जरूरत क्यों है तथा कई छात्र ऐसे भी होंगे जो यह जानना चाहते होंगे कि आखिर एलएलबी करने से उन्हें किस तरह के फायदे मिलेंगे। आइए जानते हैं एलएलएम इसके बारे में :-
इस कोर्स के बाद आप कानून के अच्छे जानकार होते हो जाते हैं।
इसके तहत आप एक विशेष क्षेत्र का चयन करते हैं तथा उस विशेष क्षेत्र में आप अनेक ज्ञान हासिल कर पाते हैं।
एलएलबी की जगह एलएलएम में करियर के प्रबल विकल्प मौजूद होते हैं।
एलएलएम के क्षेत्र
कांस्टीट्यूशनल लॉ
इंटरनेशनल ट्रेड लॉ
टैक्सेशन लॉ
इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी लॉ
फैमिली लॉ
एलएलएम के कोर्स की फीस कितनी होती है?
आप किसी भी कोर्स को कर रहे हो उसमें सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि आखिर उसकी फीस कितनी होगी। क्या यह आपके बजट के अनुरूप होगी या बजट से बाहर। हम आपको बता दें हर कॉलेज की फीस में भिन्नता देखी जा सकती है लेकिन एलएलएम के अनुमानित फीस 40,000 से लेकर 1,65000 के बीच प्रतिवर्ष हो सकती है।


एलएलएम (LLM) के टॉप कॉलेज

  • अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, अलीगढ़
  • एमिटी लॉ यूनिवर्सिटी, नोएडा
  • फैकल्टी ऑफ लॉ यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली,दिल्ली
  • फैकेल्टी आफ लॉ बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वारणसी
  • फैकल्टी ऑफ लॉ यूनिवर्सिटी ऑफ इलाहाबाद, प्रयागराज
  • चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी, मेरठ
  • महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, मुंबई
  • जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली
  • गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, गांधीनगर
  • नलसर यूनिवर्सिटी ऑफ लो, हैदराबाद
  • राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी आफ लॉ, गुजरात
  • नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, गांधीनगर


एलएलएम कोर्स ऐसे करें
आपको हम बता चुके हैं कि एलएलएल में क्या योग्यताएं चाहिए होती है। इन्हीं योग्यताओं के आधार पर आप यह तय कर सकते हैं कि आपको यह कोर्स कैसे करना है। हालांकि नीचे कुछ चरणों का जिक्र किया जा रहा है जिनकी मदद से आप यह तय कर सकेंगे कि यह कोर्स कैसे करना है।

  • प्रथम चरण: 12वीं पास करें। आप किसी भी विषय से 12वीं पास कर सकते हैं।
  • द्वितीय चरण: जैसे यह 12वीं पास करें उसके सीधा बाद आप ग्रेजुएशन के लिए दाखिला ले ले।
  • तृतीय चरण: ग्रेजुएशन के बाद आपको एलएलबी कोर्स करना पड़ता है जो कि 3 साल का होता है। हालांकि यदि आप इतना समय नहीं लगाना चाहते और सीधे एलएलएम करना चाहते हैं तो आप 12वीं के बाद भी एलएलबी ऑनर्स में दाखिला ले सकते हैं। यह कोर्स 5 साल का होता है तथा इसमें ग्रेजुएशन के साथ एलएलबी की डिग्री भी मिल जाती है
  • चतुर्थ चरण: जैसे ही आप एलएलबी. कर लेते हैं तब आप बड़ी आसानी से एलएलए में प्रवेश ले सकते हैं। एलएलएम में प्रवेश दो तरीके से लिया जाता है पहला तरीका है प्रवेश परीक्षा के आधार पर दूसरा है मेरिट के आधार पर।
  • पंचम चरण: पंचम चरण में आपका एलएलएम का कोर्स पूरा हो जाता है यह कोर्स 2 साल का होता है इसमें 4 सेमेस्टर होते हैं और इसको पूरा करने के बाद आपको एलएलएम की डिग्री मिल जाती है तथा आपके नौकरी के रास्ते खुल जाते हैं।
  • एलएलएम (LLM) करने के बाद नौकरी के क्षेत्र
  • एलएलएम पूरा करने के बाद ही आपके लिए रोजगार के ढेरों विकल्प खुल जाते हैं एलएलएम के बाद आप निम्नलिखित क्षेत्रों में नौकरियां कर सकते हैं:-
  • मजिस्ट्रेट
  • सॉलीसीटर
  • नोटरी
  • अटॉर्नी जनरल
  • लीगल एडवाइजर
  • ट्रस्टीस
  • कानूनी सलाहकार
  • कानूनी विशेषज्ञ
  • वकील
  • शिक्षक और व्याख्याता
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