आज के समय में हर दूसरा आदमी बिजनेस करना चाहता है लेकिन उसे करना क्या है इसपर वो क्लियर नहीं होता है. मगर कुछ लोगों का शुरू से एक ही लक्ष्य होता है कि उन्हें लाइफ में आगे क्या करना है और वे उसी दिशा में मेहनत करते हैं आखिरकार उन्हें सफलता हासिल हो भी जाती है. हमारे देश में कई ऐसे अरबपति बिजनेसमैन और उद्यमी (Entrepreneurs) बन चुके हैं जिन्होंने पूरी दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है. 

भारत के 10 सफल उद्यमी | Top 10 Entrepreneurs in India

भारत में बहुत ज्यादा गरीबी है फिर भी हमारे देश में कई Entrepreneurship और संपत्ति के मामले में आगे बढ़ता रहा है. यहां हम आपको ऐसे ही 10 सफल उद्यमियों के बारे में बताने जा रहे हैं..

1. धीरुभाई अंबानी | Dhirubhai Ambani

भारत के सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के पिता धीरूबाई अंबानी का पूरा नाम धीरजलाल हिरचंद अंबानी था. 28 दिसंबर, 1932 को गुजरात में जन्में धीरूबाई रिलायंस इंडस्ट्री (Reliance Indusrty) के फाउंडर हैं. उनके बेटे मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी इस कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं. रिलायंस भारत की दूसरी सबसे ज्यादा मुनाफे वाली कंपनी बन गई. 

2. जे. आर. डी. टाटा | J. R. D. Tata

Tata Group के फाउंडर जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा यानी जे.आर.डी.टाटा हैं, इन्होंने ही टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (भारत की सबसे बड़ी IT company), टाटा मोटर्स, टाइटन इंडस्ट्रीज, टाटा टी, वोल्टास और एयर इंडिया की शुरुआत भारत में की थी. रतनजी दादाभाई टाटा को भारत सरकार ने पद्म भूषण और भारत रत्न से नवाजा और इनके द्वारा मुख्य रूप से सभी कर्मचारियों के लिए वेलफेयर स्कीम्स की शुरुआत की गई थी इसमें मुख्य बातें शामिल थीं जैसे 8 घंटों की ऑफिस शिफ्ट, फ्री हेल्थ सुविधाएं और एक्सीडेंट स्कीम्स.

3. एन. आर. नारायणमूर्ति | N. R. Narayana Murthy

20 अगस्त, 1946 को कर्नाटक के मैसूर में नारायमूर्ति का जन्म हुआ था. नारायणमूर्ति सॉफ्टवेयर कंपनी इन्फॉसिस टेक्नोलॉजी (Infosys technology) के फाउंडर हैं जिसकी स्थापना इन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर साल 1981 में की थी. भारत सरकार ने इन्हें भी पद्मश्री से सम्मानित किया है.

4. अज़ीम एच. प्रेमजी | Azim Premji

24 जुलाई, 1945 को गुजराती मुस्लिम परिवार में जन्में अजीम प्रेम जी को बहुत से लोग भारत का बिल गेट्स बुलाते हैं. आईटी कंपनी Wipro Limited के संस्थापक अजीम प्रेमजी ने बहुत कम उम्र से काम करना शुरू कर दिया था. साल 1986 में इनके पिता एम.एच प्रेमजी की मृत्यु हो गई थी और इसके कारण प्रेम जी ने पढ़ाई छोड़कर घर का कारोबार संभाला. सामाजिक कार्यों में प्रेमजी ने सराहनीय योगदान दिया है और इन्हें पद्मभूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है. 

5. लक्ष्मी मित्तल | Lakshmi Mittal

15 जून, 1950 को राजस्थान के शादलपुर चुरू में जन्में लक्ष्मी मित्तल ने बहुत कम उम्र में पहचान बनाई. 26 साल की उम्र में लक्ष्मी मित्तल ने स्टील कंपनी का कारखाना खोला जो दुनिया में काफी प्रसिद्ध हुई. बाद में लक्ष्मी मित्तल को पद्मभूषण से सम्मानित किया गया. 

6. डॉ. वर्गीय कुरियन | Verghese Kurien

मिल्कमैन के नाम से फेमस डॉ. वर्गीय कुरियन को श्वेत क्रांति का जनक भी कहते हैं. 26 नवंबर, 1921 को डॉ. कुरियन का जन्म केरल के कोजिकोड में हुआ था और 90 साल की उम्र में इनकी मृत्यु साल 2012 में हो गई थी. दूध के व्यापार को इन्होंने मॉडल बनाया और Amul को मार्केट में उतारा. अमूल की सफलता का पूरा क्रेडिट इन्हें ही जाता है और भारत सरकार की तरफ से इन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था. 

7. शिव नादर | Shiv Nadar

18 जुलाई, 1945 को तमिलनाडु के तीरचेंदुर में जन्में शिव नायर HCL कंपनी के संस्थापक हैं. भारत सरकार ने शिव नायर को पद्मभूषण से सम्मानित किया है. नायर ने साल 1982 में अपने पहले पीसी के साथ HCL को मार्केट में उतारा था.

8. सुनील मित्तल | Sunil Bharti Mittal

23 अक्टूबर, 1957 को पंजाब के लुधियाना में जन्में सुनील मित्तल भारत के सबसे बड़े टेलिकॉम कंपनी AIRTEL के चेयरमैन हैं. वह भारती समूह के संस्थापक और अध्यक्ष हैं. भारत सरकार ने इन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया और व फॉर्च्यून पत्रिका इन्हें एशिया बिजनेसमैन ऑफ दी ईयर घोषित कर चुकी है. 

9. आदि गोदरेज | Adi Godrej

गोदरेज ग्रुप के चेयरमैन आदि गोदरेज का जन्म 3 अप्रैल, 1942 को मुंबई में हुआ था. आदि गोदरेज को Best entrepreneur of the year से सम्मानित किया जा चुका है. इन्हें भारत सरकार ने पद्म भूषण से सम्मानित किया गया और इनका नाम देश के सबसे अमीर व्यक्तियों में इनका नाम शामलि है.

10. धनश्यामदास बिड़ला | Ghanshyam Das Birla

10 अप्रैल, 1894 को राजस्थान के पिलानी में जन्में घनश्यामदास बिड़ला बी.के.के.एम. बिड़ला समूह के संस्थापक थे. इनकी मृत्यु साल 1983 को मुंबई में हुई. साल 1957 में इन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया. हिंदुस्तान मोटर्स की स्थापना की और काफी कम उम्र में ही इन्होंने कार उद्योग में कदम रख दिया था.

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