एक वकील का पेशा बहुत ही सम्मानजनक पेशा माना जाता है, क्योंकि इससे समाज में आपको प्रतिष्ठा मिलती है। वही यदि बात करें हाई कोर्ट के वकील की तो यह सोने पर सुहागा है। कई छात्र ऐसे है जो वकालत के पेशे में आना चाहते हैं जिनमें से कई तो यह मुकाम हासिल कर लेते हैं। लेकिन कई इसमें पिछड़ जाते हैं। हाई कोर्ट का वकील बनना कोई कठिन कार्य नहीं है। लेकिन यदि आप इसे बेहद आसान समझ रहे हैं तो यह आपकी भूल होगी। क्योंकि इसमें भी मेहनत की जरूरत है। उचित मेहनत और लगन से आप अपने सपने को साकार कर सकते हैं। इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि हाईकोर्ट में आप कैसे वकील बन सकते हैं। इसके लिए कौन से कोर्सेज व कौन से कॉलेज है और इन कोर्स की फीस कितनी होती है, यह समस्त जानकारी आपको इस पोस्ट में मिलेगी। आइए जानते हैं हाई कोर्ट में वकील कैसे बने।


हाई कोर्ट में वकील कैसे बने?
हाई कोर्ट में वकील बनना हो या किसी भी अन्य कोर्ट में सबके लिए एक कोर्स करना जरूरी होता है, जिसके बाद कोई भी व्यक्ति वकील बन सकता है। वकील बनने के लिए सबसे पहले जरूरी चीज यह है कि आप 12वीं पास हो इसके लिए कोई स्ट्रीम जरूरी नहीं। यानी कि आप किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास करके वकील बन सकते हैं। 12वीं पास करने के बाद आपको एक कोर्स करना पड़ता है, इस कोर्स का नाम है बीए एलएलबी (BA LLB) । यह कोर्स 3 साल का होता है।
इसके अलावा अगर आप वकालत की पढ़ाई किसी अच्छे प्रतिष्ठित कॉलेज से करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको क्लैट (CLAT) की परीक्षा देना होता है। CLAT यानी कि Common law admission Test। इस एग्जाम को क्लियर करने के बाद आप भारत के बेस्ट लॉ कॉलेज में एडमिशन ले सकते हैं।


वकालत के क्षेत्र
वकालत का क्षेत्र बहुत ही विस्तृत क्षेत्र है। इसमें जाने से पहले आपको यह तय करना होगा कि आप इसके कौन से फील्ड में जाना चाहते हैं। इसे आप एक उदाहरण से समझ सकते हैं। जैसे डॉक्टरों में कई तरह के बाल रोग विशेषज्ञ, नेत्र विशेषज्ञ, कैंसर विशेषज्ञ होते हैं, उसी तरह वकालत में भी कई सारे क्षेत्र होते हैं जिनमें से एक क्षेत्र का चयन करके आप उसमें अपने करियर बना सकते हैं। वकालत के क्षेत्र निम्नलिखित होते हैं :-

  • सिविल लॉ
  • इनकम टैक्स लॉ
  • फैमिली लॉ
  • क्रिमिनल लॉ
  • कांस्टीट्यूशनल लॉ
  • कॉमन लॉ
  • एडमिनिस्ट्रेटिव लॉ
  • पेटेंट लॉ


इन क्षेत्रों के तहत वकील कई तरह के काम करते हैं। जैसे की कोर्ट में बहस करना, निर्णय लेना, ग्राहक की मुश्किलें हल करना आदि।


हाई कोर्ट में वकील बनने के लिए कोर्स
बीए एलएलबी (BA LLB)
: बीए एलएलबी का कोर्स 12वीं पास करने के बाद कर सकते हैं। यह 5 वर्षीय कोर्स होता है। इसके अलावा यदि आप ग्रेजुएशन कर चुके हैं तो आप 3 वर्ष का कोर्स कर सकते हैं।
क्लैट (CLAT): कलैट यानी की कॉमन लॉ ऐडमिशन टेस्ट। यदि आप देश के प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में दाखिला लेना चाहते हैं तो इसके लिए आपको इस परीक्षा से गुजरना पड़ेगा। इस परीक्षा को क्लियर करने के बाद आप देश की 19 लॉ यूनिवर्सिटी में प्रवेश कर सकते हैं। इसके लिए आयु सीमा सामान्य श्रेणी के लोगों के लिए 20 वर्ष है, जबकि आरक्षित श्रेणी के लिए 22 साल है।
CLAT के लिए क्वालिफिकेशन
12वीं में 45 फ़ीसदी अंको से उत्तीर्ण होना जरूरी है।
एसटी एससी कैटेगरी के छात्रों के लिए 12वीं में 40 फ़ीसदी अंक लाने जरूरी है।

CLAT का सिलेबस और परीक्षा प्रश्नपत्र का पैटर्न
क्लैट की परीक्षा 2 घंटे की होती है, जिसमें 200 प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रत्येक प्रश्न 1 अंक के होते हैं यदि आप कोई गलत उत्तर देते हैं तो सही प्रश्न में से आपके 0.25 अंक काट लिए जाते हैं। CLAT का सिलेबस निम्नलिखित है:-

  • लीगल एप्टीट्यूड
  • लॉजिकल रीजनिंग
  • आंग्रेज़ी
  • गणित
  • जीके और करंट अफेयर्स

यदि आप क्लैट एग्जाम पास नहीं कर पाते तो आप इसकी जगह अन्य स्टेट एग्जाम की मदद से भी लॉ कॉलेज में दाखिला ले सकते हैं। दाखिले के लिए निम्नलिखित एंट्रेंस एग्जाम करवाए जाते हैं:-


लॉ स्कूल ऐडमिशन टेस्ट

  • यूपीईएस लॉ एंट्रेंस एग्जाम
  • डीयू एंट्रेंस एग्जाम
  • बीएचयू एंट्रेंस एग्जाम
  • कलकत्ता यूनिवर्सिटी एडमिशन टेस्ट
  • हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ एंटरेंस एग्जाम्स
  • मेवार यूनिवर्सिटी एंट्रेंस एग्जाम टेस्ट
  • पंजाब यूनिवर्सिटी एंट्रेंस एग्जाम
  • इलाहाबाद यूनिवर्सिटी एंट्रेंस एग्जाम
  • ऑल इंडिया लॉ एंटरेंस एग्जाम्स
  • एलएलबी कोर्स के लिए कुछ कॉलेज
  • इंडियन लॉ इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली
  • राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी आफ लॉ, पटियाला
  • वेस्ट बेंगल नेशनल यूनिवर्सिटी आफ जूरिडिसियल साइंसेज, कोलकाता
  • राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, लखनऊ
  • गुजरात यूनिवर्सिटी
  • दिल्ली यूनिवर्सिटी
  • बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी
  • अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी
  • जामिया मिलिया इस्लामिया


हाई कोर्ट का वकील बनने से संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी
हाई कोर्ट का वकील बनने के लिए पहले लॉ की डिग्री हासिल करनी जरूरी होती है जिसके बाद आपको स्टेट बार काउंसिल से एक लाइसेंस लेना होता है। बता दे, बिना लाइसेंस के आप किसी भी क्लाइंट का मुकदमा नहीं लड़ सकते। लेकिन लाइसेंस लेने के बाद भी आपको सीधे हाई कोर्ट का वकील नहीं बना दिया जाएगा। लाइसेंस के बाद आपको लोअर कोर्ट में वकालत करना पड़ेगा और वहां से आपको 5 साल का अनुभव प्राप्त करना होगा। यदि आप शॉर्टकट चाहते हैं तो इसके लिए आपको किसी वकील के अंतर्गत इंटर्नशिप करनी होगी जिससे आप सीधे हाईकोर्ट में प्रवेश कर सकते हैं।

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