हर छात्र अपने जीवन में परीक्षा की घड़ी से अवश्य गुज़रता है। जब परीक्षा देते समय छात्र परीक्षा हॉल में बैठते है, तब उनके अंदर एक तरह का भय और उलझन उठने लगता है। कई छात्र तो इसे लेकर इतने चिंतित हो जाते है कि उनका दिमाग काम ही नहीं करता। और इस हड़बड़ी में वे परीक्षा में गलती कर बैठते हैं। ऐसे में कई छात्रों के मन में यह उलझन रहती है कि जब प्रश्नपत्र प्राप्त तब सबसे पहले क्या करें? इस लेख में आपको बताया जाएगा की प्रश्नपत्र मिलने के बाद आपको क्या करना चाहिए तथा कौन सी रणनीति अपनानी चाहिए जिससे आप अच्छी तरह बिना किसी हड़बड़ी के अपनी परीक्षा दे सके। यह रणनीति कुछ इस प्रकार है:-
तनाव मुक्त रहें
जब आप परीक्षा के लिए हॉल में बैठे होते हैं तब आपके अंदर एक अजीब सा डर होता है। जिस वजह से छात्र तनाव में आकर परीक्षा में गड़बड़ी कर बैठते हैं। इसलिए पहला सुझाव यह है कि परीक्षा हॉल में प्रश्नपत्र मिलने से पहले आप बिल्कुल तनाव मुक्त रहे तथा अपने दिमाग को शांत करें। भले ही आपने परीक्षा में पूर्ण तैयारी ना की हो तब भी अपने आपको भरोसा दिलाए की यह परीक्षा भी अन्य परीक्षाओं की तरह अच्छा ही जाएगा। यदि आप तनाव में आकर अपना आत्म विश्वास खो देते हैं तो परीक्षा अच्छे से नहीं कर पाएंगे। इसलिए हमेशा खुद को विश्वास दिलाए तभी आप परीक्षा में अच्छे अंक हासिल कर सकेंगे।
प्रश्नपत्र की जांच करें और पढ़ें
दूसरा सुझाव यह है कि जब आप प्रश्नपत्र प्राप्त करें तो सबसे पहले उसकी जांच करें। देखे कुल कितने प्रश्न है तथा जो प्रश्न आपको आते हैं, उन्हें चिन्हित करें। इसके साथ ही यह भी ध्यान रखें कि प्रश्नपत्र कही से कटा-फटा, मिटा हुआ या मिसप्रिंट ना हो। ऐसा न करने पर आपको बाद में असुविधा हो सकती है। इसलिए समय रहते जांच करें और यदि कोई प्रश्न मिटा हुआ हुआ, गलत या प्रश्नपत्र में कोई खामी हो तो पहले ही परीक्षक को इस बारे में सूचित करें व एक दूसरा प्रश्न पत्र लेकर रखे। दूसरी बात प्रश्नपत्र को अच्छे से पढ़ें और समझे तथा जिन प्रश्नों के उत्तर आप अच्छे से जानते हैं, उन्हें चिन्हित कर ले। ध्यान रहे प्रश्न पढ़ने के लिए बोर्ड द्वारा 15 मिनट का समय दिया जाता है। इन 15 मिनट के समय को कतई व्यर्थ ना करें।

जिन प्रश्नों के उत्तर आपके दिमाग में है उन्हें लिख ले
अक्सर ऐसा देखा गया है कि जब आप प्रश्न पत्र प्राप्त करते हैं तब आपके दिमाग में कई उत्तर आते हैं। लेकिन जैसे ही आप उन्हें हल करने बैठते हैं तब आप भूल जाते हैं। अतः यदि आपके दिमाग में पहले ही किसी भी प्रश्न को लेकर कुछ उत्तर आ रहे हो तो उन्हें लिख कर रख ले। जिससे बाद में उन बिंदुओं को देखकर आप पूरे उत्तर को लिख सके।
उत्तर पुस्तिका में विवरण भरें
कई छात्र उत्तर पुस्तिका में अपना रोल नंबर, नाम जैसे विवरणों को भरना भूल जाते हैं, जिस वजह से अंत में परीक्षक से उन्हें डांट सुननी पड़ती है या फिर पुस्तिका ऐसे ही दे आते है। इसलिए प्रश्नपत्र मिलने के बाद ये ध्यान रखे कि आप उत्तर पुस्तिका में अपने विवरणों को ठीक तरह से भर ले। और भरने के बाद एक बार उनकी जांच भी कर लें।
उन उत्तरों को पहले करें जो आपको अच्छी तरह आते है।
हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि उन उत्तरों को पहले करें जो आपको अच्छी तरह से आते हैं। क्योंकि ऐसे उत्तर को करने से जहां आपके समय की बचत होती हैं। वही आपके आत्मविश्वास में भी इजाफा होता है। यदि आप शुरुआत में ही जटिल और ऐसे प्रश्नों को हल करने लगते हैं जो आपको मुश्किल लगते हैं तो यह काफी समय ले लेता है। वही आपके आत्मविश्वास को भी गिरा देता है। इसीलिए उन उत्तरों को पहले प्राथमिकता देनी चाहिए जो आपको अच्छी तरह से आते हो ।

प्रश्नों के आधार पर समय आबंटन
आपको निश्चित समय मिलता है तथा इसी समय सीमा के अंतर्गत आपको पूरा प्रश्न पत्र हल करना होता है, इसीलिए प्रश्न पत्र मिलने के बाद समय प्रबंधन महत्वपूर्ण हो जाता है। परीक्षा लिखने से पहले हर प्रश्न को उसके अंकों के आधार पर समय आवंटित करें और उसी निश्चित समय सीमा के अंतर्गत इस प्रश्न को पूरा करें। ऐसा करने से आप परीक्षा के अंत में तनाव मुक्त हो जाते हैं तथा अपने निश्चित सीमा के भीतर ही आप पूरा प्रश्न पत्र हल कर देते हैं
पूरा प्रश्नपत्र हल करने के बाद उत्तरपुस्तिका को पढ़े
जब आप पूरा प्रश्नपत्र हल कर ले तो इस बात का ध्यान रखें, कि एक बार शुरू से सभी उत्तरों को ढंग से पढ़ ले तथा उनमें यदि कोई भूल चूक हो तो है ठीक कर ले। यदि परीक्षा करने के बाद आपको अपनी की गई भूल याद आती है तो आप इसमें कुछ नहीं कर पाते। लेकिन अगर यही काम आप समय रहते कर लेते हैं तो आप तनावमुक्त हो जाएंगे।

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