कई सारे छात्रों कि यह चाहत होती है कि वह किसी अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज में जाए। लेकिन जेईई की तैयारी के लिए समय नियोजन के साथ-साथ कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास की जरूरत होती है। इंजीनियरिंग कॉलेजों में सबसे प्रतिष्ठित माने जाने वाला आईआईटी यह मानदण्ड रखता है कि वह बेहतर उम्मीदवारों की तलाश करें, जिसके लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) का आयोजन किया जाता है। जब बात इन प्रवेश परीक्षाओं को पास करने की आती है तब अच्छे अच्छों के पसीने छूट जाते हैं। क्योंकि आईआईटी में प्रवेश पाने के लिए बेहद ही कठिन परीक्षा को पार करना पड़ता है जिसके लिए आपको शुरू से ही तैयारी करनी चाहिए। जेईई की परीक्षा देने वाले कई छात्रों के मन में यह सवाल होता है कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। इस आर्टिकल में हम आपको इस बारे में बताएंगे कि वह कौन सी चीज है जो जेईई परीक्षा की तैयारी करने वाले परीक्षार्थियों को करनी चाहिए तथा कौन सी ऐसी चीजें हैं जिन्हें उन्हें बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
जेईई की परीक्षा के लिए यह करें:-


10वी के तुरंत बाद शुरू करें तैयार
जेईई की परीक्षा पर्याप्त समय की मांग करती है, यानी कि इस परीक्षा के लिए आपको समय रहते तैयारी करनी जरूरी होती है। मुख्यतः जेईई की परीक्षा की तैयारी का सबसे अच्छा समय 11वीं में शुरू हो जाता है क्योंकि ग्यारहवीं में ही आप अपनी पाठ्य पुस्तको से बेसिक ज्ञान हासिल कर लेते हैं और समय रहते इसकी तैयारी करना शुरू कर देते हैं। जिससे आप 12वीं के बाद ही जेईई मेन और जेई एडवांस के लिए चयनित कर लिए जाते हैं। इससे आपके कैरियर में लगने वाले समय की भी बचत होती है तथा मेहनत भी कम लगती है।


रूटीन बनाकर पढ़ें
आईआईटी प्रवेश परीक्षा कोई बच्चों का खेल नहीं है और ना ही यह ऐसा वैसा परीक्षा है जिससे आप आसानी से पास कर सकते हैं इसीलिए आपको इसके महत्व को समझते हुए पहले से ही रूटीन बनाकर पढ़ना शुरू कर देना चाहिए। यदि आप अनुशासन रखते हुए तथा रूटीन को फॉलो करते हुए पढ़ते हैं तो आपके परीक्षा में उत्तीर्ण होने के संभावनाएं ज्यादा हो जाती हैं। और यदि आप ऐसा नहीं करते तो आप उन लाखों जेईई उम्मीदवारों से पिछड़ जाते हैं जो इसकी तैयारी में जुटे हैं।


रिवीजन है बेहद जरूरी
यदि आपने जेईई की तैयारी पूरी कर ली है तब भी आपको रिवीजन के महत्व को समझना चाहिए ।क्योंकि जब आप पढ़े हुए विषयों को दोबारा पढ़ते हैं तो वह विषय और भी मजबूत हो जाते हैं तथा आप इन विषयों को जल्दी नहीं भूलते। जिससे आप परीक्षा के दौरान होने वाली घबराहट की स्थिति से बच जाते हैं। वहीं यदि आप रिवीजन नहीं करते तो एक लंबे समय बाद किताब को देखने पर आपको ऐसा प्रतीत होगा कि आप किताब पहली बार पढ़ रहे हैं। आप यह रिवीजन दैनिक, साप्ताहिक या मासिक आधार पर भी कर सकते। इसलिए रिवीजन जरूर करें।


परीक्षा के लिए पहले से बनाए रणनीति
आईआईटी की जेईई मेन और जेई एडवांस परीक्षाओं की पहले से ही रणनीति बनाना बेहद जरूरी है। लेकिन इसके अंतर्गत आपको यह तय कर लेना होगा कि आप परीक्षा में आने वाले प्रश्नों को कैसे हल करेंगे और यही परीक्षा का पैटर्न किस तरह का होता है। इसके लिए आप कई बार मॉक टेस्ट दे सकते हैं तथा बार-बार उन प्रश्नों का अभ्यास कर सकते हैं। अभ्यास करने से पहले आप आसान प्रश्नों का उत्तर दें फिर जो कठिन प्रश्न आपको लगते हैं उन्हें भी बीच-बीच में करते रहें। इसके अलावा परीक्षा के दौरान आप इस बात का ध्यान रखें कि आप उन्हीं प्रश्नों को का उत्तर दें जिन्हें आप अच्छे तरीके से कर सकते हैं।

जेईई परीक्षा में यह न करें:-


परीक्षा को लेकर ज्यादा तनाव न ले
परीक्षा हर किसी के जीवन में आती है लेकिन परीक्षा के समय बिल्कुल तनाव नहीं लेना चाहिए क्योंकि तनावग्रस्त होने से आप अपने पढ़ी गई चीजों को भूलने लगते हैं। तनाव की वजह से कभी-कभी आप अपने लक्ष्य और सपनों को भी भूल जाते हैं। तनाव आपके प्रदर्शन को खराब कर सकती है तथा यह आपके लिए भी काफी हानिकारक है इसीलिए हमेशा तनावमुक्त रहने की कोशिश करें।


नींद से समझौता ना करें
जेईई की परीक्षा कठिन होती है तथा इसमें काफी मेहनत की जरूरत होती है। लेकिन इसके लिए आपको अपने नींद से समझौता नहीं करना चाहिए। कई बार छात्र इतने ज्यादा पढ़ने लगते हैं कि वह कम सोते हैं। लेकिन यह आदत परीक्षा में आपके प्रदर्शन को बिगाड़ देती है। परीक्षा के समय उम्मीदवार को कम से कम दिन में 6 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए क्योंकि नींद लेने से उम्मीदवार का दिमाग तरोताजा हो जाता है। वही उसे अपनी पढ़ाई लंबे समय तक याद रहती है। यदि आप कम सोते हैं तो आपका स्वास्थ्य तो इससे खराब होता ही है साथ ही आपका मस्तिष्क भी तनावग्रस्त हो जाता है।


पढ़ाई को न टाले
कई छात्र ऐसे होते हैं जो परीक्षा के समय काफी टालमटोल करते हैं। वह यह सोच कर चलते हैं कि परीक्षा पर काफी समय बचा है ऐसे में अगले दिन से पढ़ाई करेंगे। इस बुरी आदत की वजह से आप ऐसी स्थिति में पहुंच जाते हैं जब आपके पास समय ही नहीं बचता और उस समय आप तनाव की स्थिति में आ जाते हैं। क्योंकि कम समय में सब कुछ पढ़ना संभव नहीं हो पाता। इसीलिए परीक्षा की तैयारी शुरू से ही करना चाहिए।

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