प्रतिवर्ष कई उम्मीदवारों के द्वारा प्रशासनिक सेवाओं व सरकारी नौकरियों की भर्ती के लिए परीक्षाएं दी जाती है। इन परीक्षाओं में सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाएं हैं संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और विभिन्न राज्य लोक सेवा आयोग (STATE PSC)। कई उम्मीदवारों के मन में यह सवाल होता है कि क्या UPSC और राज्य की PSC में कोई अंतर है? या सभी परीक्षार्थियों का चयन UPSC के माध्यम से किया जाता है। आपको बता दे, दोनों में जहाँ कई समानताएं है वही इनके बीच कुछ मूलभूत अंतर भी विद्यमान है। जो इन दोनो को एकदूसरे से अलग करती है। यूपीएससी और स्टेट पीएससी में अंतर जानने से पहले यह जानना जरूरी है कि यह दोनों क्या है:-
UPSC- Union Public Service Commission यानी कि संघ लोक सेवा आयोग एक संवैधानिक निकाय है, जो पदाधिकारियों की नियुक्ति के लिए परीक्षाओं का संचालन करता है। यह केंद्रीय सेवा में ग्रुप ‘ए’ और ग्रुप ‘डी’ के तहत नियुक्तियां करता है। जिसके अंतर्गत देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं जैसे कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) सेवा IPS और भारतीय राजस्व सेवा IRS जैसी नौकरियां प्राप्त होती है।
स्टेट PSC- राज्य लोक सेवा आयोग का गठन अनुछेद 315 से 323 के तहत किया गया है। प्रत्येक राज्य में एक लोक सेवा आयोग की स्थापना का प्रावधान किया गया है।
इन दोनों के मध्य अंतर को जानने से पहले इन दोनों के बीच मूलभूत समानताओं को जानना जरूरी है। दोनों के मध्य निम्न समानताएं है। जैसे-
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 315 से 323 में दोनों आयोगों संघ लोक सेवा आयोग और राज्य लोक सेवा आयोग के बारे में उल्लेख किया गया है। इसमें आयोग के सदस्यों की शक्तियों, उनकी नियुक्ति व हटाने के तरीके, संरचना तथा समस्त नियमों का उल्लेख किया गया है।
UPSC और PSC दोनों ही संविधान के अनुच्छेद 315 के अंतर्गत एक संवैधानिक निकाय है।
संघ लोक सेवा आयोग और राज्य लोक सेवा आयोग दोनों ही एक-एक अध्यक्ष और अन्य सदस्यों से मिलकर बना है।

इन समानताओं के साथ-साथ UPSC और राज्य की PSC के बीच काफी अंतर भी है। इनके बीच कुछ मूलभूत अंतर इस प्रकार है:-
UPSC में जहां संघ की सेवाओं में नियुक्तियों के लिए परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है। वही राज्य लोक सेवा आयोग में प्रत्येक राज्य की सेवाओं में नियुक्ति के लिए परीक्षा आयोजित की जाती है।
एक और जहां पूरे भारत में एक ही संघ लोक सेवा आयोग काम करती है। वही भारत के प्रत्येक राज्य में राज्य लोक सेवा आयोग गठित की गई है।
संघ लोक सेवा आयोग और राज्य लोक सेवा आयोग में अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्तियां 6 वर्ष के लिए ही की जाती है। लेकिन जहां संघ लोकसेवा आयोग UPSC में 65 की वर्ष तक की आयु के लिए नियुक्ति की जाती है। वहीं दूसरी और PSC में 62 वर्ष की आयु तक के लिए यह नियुक्ति की जाती है।
UPSC द्वारा राष्ट्रपति को एक वार्षिक रिपोर्ट सौपी जाती है, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग अपने प्रदर्शन की यह सालाना रिपोर्ट राज्यपाल को प्रस्तुत करता है।
राष्ट्रपति UPSC के सदस्य की नियुक्ति करता है, वही राज्यपाल स्टेट पीएसी के सदस्यों को नियुक्त करता है।
UPSC द्वारा पेश की गई इस रिपोर्ट को राष्ट्रपति संसद के दो सदनो में पेश करता है तथा ज्ञापन देता है जिसमें उन मामलों की चर्चा करता है, जिनमें आयोग की सलाह को स्वीकृति तथा अस्वीकृति दी गई है। और वह इसके पीछे के कारण को भी बताता है।
जबकि लोक सेवा आयोग की रिपोर्ट को राज्यपाल राज्यों के विधान मंडल के सामने प्रस्तुत करता है। वह भी अपने ज्ञापन में यह बताता है कि कहां आयोग की सलाहों को स्वीकार किया गया है तथा कहा नहीं किया गया। वह इसके पीछे के क्या कारण थे।
संसद UPSC को संघ की सेवाओं से संबंधित अतिरिक्त कार्य दे सकती है। जबकि राज्य की विधायिका राज्य लोक सेवा आयोग को राज्य की सेवाओं से संबंधित अतिरिक्त कार्य देती है।

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