इंजीनियरिंग के बारे में तो हर कोई जानता है। इंजीनियरिंग के अनगिनत क्षेत्र और कोर्स से भी आप वाकिफ़ होंगे। इंजीनियरिंग के कुछ प्रसिद्ध क्षेत्र है जैसे कि कंप्यूटर इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग आदि। लेकिन आपने शायद ही कभी एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग के बारे में सुना होगा। यदि आप इसके बारे में नहीं जानते तो इस लेख में जान जाएंगे।
एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कई छात्र जाना चाहते हैं, लेकिन पर्याप्त जानकारी के अभाव में वह करियर के इतने अच्छे विकल्प को त्याग देते हैं। इसलिए आपकी मदद करने के लिए इस लेख में एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग के बारे में हर तरह की जानकारी शामिल की गई है। जिसकी मदद से आप इस क्षेत्र अपना करियर बना सकते हैं। एयरोनॉटिक्स इंजीनियरिंग में कैरियर बनाने के लिए यह जाना जरूरी है कि आखिर एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग होता क्या है?
एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग
यदि आप आकाश में उड़ने की रुचि रखते हैं तथा आपको विमानों को लेकर जिज्ञासा है तो आप एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग का कोर्स करके एयरोनॉटिकल इंजीनियर बन सकते हैं। एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग मुख्यतः विमानों एयरक्राफ्ट से सम्बन्धित कोर्स होता है। इसमें एयरक्राफ्ट मिसाइल, सेटेलाइट और मिसाइल के बारे में रिसर्च, डिजाइन और प्रोडक्शन के साथ ही इसमें कंट्रोल मैनेजमेंट आदि के बारे में भी पढ़ाया जाता है। एयरोनॉटिकल के तहत बीटेक, एम टेक, पीएचडी जैसे कोर्स किए जाते हैं। जिसके बाद आप कई क्षेत्रों में नौकरी हासिल कर सकते हैं। एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग एक आकर्षक विषय है। हालांकि यह जितना दिखता है उतना होता नहीं है। लेकिन यदि आप मेहनती हैं तथा आप के अंदर विमानों को लेकर रुचि है तो आप इस क्षेत्र में सफलता पा सकते हैं।
एयरोनॉटिकल इंजीनियर बनने की योग्यता
एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आपको 12वीं में साइंस विज्ञान और गणित से पढ़ाई करना जरूरी होता है। एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग का कोर्स 4 वर्षों का होता है। यदि आप बीटेक कोर्स के लिए एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम देंगे तो आप इन कोर्सो में दाखिला पा सकते हैं। विभिन्न कोर्स में एडमिशन लेने के लिए एलिजिबिलिटी इस प्रकार :
12वीं में 60% अंकों से पास होना अनिवार्य है।
वही उम्मीदवारों को पीसीएम यानी कि भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित में किसी भी मान्यता प्राप्त संस्था से करना होगा।
एंट्रेंस एग्जाम के जरिए भी आप कोर्स के लिए अप्लाई कर सकते हैं लेकिन इसमें आपको कम से कम 60% अंक चाहिए।
यदि आप एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में एमटेक में प्रवेश लेना चाहते हैं तो आपको ग्रेजुएशन में न्यूनतम 50 फ़ीसदी अंको से उत्तीर्ण होना जरूरी है।
इसमें आप बी टेक इन एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग का कोर्स कर सकते हैं।
डिप्लोमा इन एयरक्राफ्ट मेंटिनेस इंजीनियरिंग का कोर्स।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग का कोर्स।
इन कॉलेजों द्वारा आप एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग का कोर्स कर सकते हैं
आईआईटी (IIT) कानपुर ,मुंबई, चेन्नई, खड़कपुर
मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, चेन्नई
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु
इसके अलावा यदि आप एंट्रेंस एग्जाम के जरिए दाखिला चाहते हैं तो आप निम्नलिखित एंट्रेंस एग्जाम दे सकते है:
SILET प्रवेश परीक्षा
विभिन्न IIT द्वारा आयोजित जेईई प्रवेश परीक्षा
SRM इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा
CEE दिल्ली यूनिवर्सिटी कंबाइंड एंट्रेंस एग्जाम
IISAT एडमिशन टेस्ट
IIA इंडियन इंस्टीट्यूट आफ एयरोनॉटिक्स प्रवेश परीक्षा
AIEEE ऑल इंडिया इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा
एंट्रेंस एग्जाम देने के लिए आप किसी भी यूनिवर्सिटी या कॉलेज की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन या ऑफलाइन फॉर्म भर सकते हैं। वैसे तो मौजूदा समय में हर काम ऑनलाइन हो रहा है इसलिए आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
यदि आप ग्रेजुएशन पूरा कर चुके हैं तथा आगे की पढ़ाई करना चाहते हैं एमटेक(M.tech) में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको विभिन्न एंट्रेंस एग्जाम देने होंगे। कुछ एंट्रेंस एग्जाम इस प्रकार हैं:-
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज पीएचडी एंट्रेंस एग्जाम
इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट एप्टिट्यूड टेस्ट
सैथीबामा यूनिवर्सिटी एमई. एंट्रेंस एग्जाम

उक्त एंट्रेंस एग्जाम देकर आप अच्छे कॉलेजों में इस कोर्स को करके एयरोनॉटिकल इंजीनियर बन सकते हैं तथा आपको गवर्नमेंट और प्राइवेट सेक्टरों में कई तरह के नौकरियों के अवसर मिलते हैं, सिर्फ भारत में ही नहीं विदेशों में भी एयरोनॉटिकल इंजीनियर नेयरिंग में नौकरी के अच्छे विकल्प हैं। एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में नौकरी के कुछ विकल्प निम्नलिखित है:-
भारतीय वायु सेना
विमान निर्माण उद्योग
अंतरिक्ष केंद्र
विमान सहायक उपकरण निर्माता
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन
विमान अनुसंधान एजेंसियां (सरकारी और गैर सरकारी संगठन)
निजी एयरलाइंस
विमान या एयरलाइन इंजीनियरिंग परामर्श
नागरिक उड्डयन विभाग
एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज
एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में वेतन
एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र जितनी मेहनत करनी होती है उतनी ही अच्छी सैलरी इस क्षेत्र में आपको मिलेगी। भारत के हवाई इंजीनियरो को काफी अच्छी खासी सैलेरी पैकेज मिलते हैं। एक अनुभवी अभियंता को प्रतिवर्ष 65,0000 से ज्यादा का वेतन मिलता है। लेकिन यदि आप सरकारी इंजीनियर है तो आपकी सैलरी निर्धारित होगी। वहीं यदि आप प्राइवेट सेक्टर में एयरोनॉटिकल इंजीनियर है तो वहां आपकी सैलरी तकरीबन 50,000 से 1,50000 प्रतिमाह हो सकती है।
यदि आप भारतीय वायुसेना में एयरोनॉटिकल इंजीनियर बनना चाहते हैं यहाँ प्रतिवर्ष आपका वेतन 250,00000 हो सकता है।

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