जनवरी महीने की शुरुआत होते ही दसवीं और बारहवीं कक्षा के प्री-बोर्ड की भी शुरुआत हो जाती है। यूपी बोर्ड तो 15 जनवरी यानी कि आज से ही शुरू हो चुके है। वही दिल्ली में भी इसे लेकर गाइडलाइन जारी की जा चुकी है जिसके मुताबिक प्री बोर्ड्स मार्च में आयोजित किए जाएंगे। अन्य राज्यो में भी बोर्ड होने शुरू हो जाएंगे। कई छात्र तो अभी से ही इन परीक्षाओं की तैयारी में जुट चुके हैं। भले ही प्री बोर्ड के अंक ज्यादा मायने नहीं रखते। लेकिन कई हद तक इसमें छात्र द्वारा हासिल किए गए परिणाम उन्हें यह बताने में मदद करते हैं कि वह बोर्ड्स में किस तरह के अंक हासिल करेंगे। प्री बोर्ड की परीक्षा से छात्र आकलन कर सकते हैं कि वह कहां कमजोर है व कहां उन्हें ज्यादा ध्यान देना है। इसलिए प्री बोर्ड्स को गंभीरता से लेना जरुरी हो जाता है। नीचे पांच ऐसे टिप्स बताए गए हैं जिनकी मदद से आप प्री बोर्ड परीक्षा की तैयारी बेहद आसानी से कर पाएंगे:-
सैंपल पेपर्स के साथ एनसीईआरटी किताबों पर दे ध्यान
प्री बोर्ड की तैयारी करते समय सैंपल पेपर और पिछले साल के प्रश्नपत्रों की मदद तो छात्र लेते हैं, लेकिन इसके साथ यह भी जरूरी है कि आप एनसीईआरटी पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करें। दरअसल, परीक्षा में ज्यादातर प्रश्न एनसीईआरटी के इन किताबों से ही आते हैं। वही जब इन किताबों से अच्छी तरह तैयारी पूरी कर ले तब सैंपल क्वेश्चन पेपर्स को हल करें। इस बात का ध्यान रखें कि आप इन्हें निर्धारित समय में हल कर सके।
शिक्षकों की मदद लें
जब आप परीक्षा की तैयारी कर रहे हो तो उसमें यदि आपको कहीं भी कठिनाई हो रही है तो उसे पहले से ही लिख कर रख ले। जिससे आप स्कूल में शिक्षकों की मदद से उन्हें हल कर ले। क्योंकि प्री बोर्ड के बाद बोर्ड की तैयारी के लिए पर्याप्त छुट्टियां दे दी जाएंगी। ऐसे समय में आप शिक्षकों की मदद नहीं ले पाएंगे तथा इन्हीं प्रश्नों पर उलझे रह जाएंगे, इसीलिए जितना हो सके शिक्षकों की मदद ले।
विज्ञान और गणित के डायग्राम को पहले ही बनाकर देखे
बोर्ड परीक्षाओं में कई ऐसे प्रश्न आते हैं जिनमें विज्ञान और गणित के डायग्राम बनाने पड़ते हैं। यदि आप इन डायग्राम्स को पहले से ही बनाकर देख लेंगे तो आप परीक्षा में इन्हें झटपट बना सकेंगे। डायग्राम बनाने के साथ ही उनसे संबंधित बिंदुओं को भी पहले ही लिखकर याद कर ले।
लंबे प्रश्नों के नोट्स बनाएं
अक्सर इतिहास, भूगोल और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों से लंबे प्रश्न पूछे जाते हैं तथा इन प्रश्नों को याद करना काफी कठिन होता है। यदि आप पहले से ही इन प्रश्नों के संक्षिप्त नोट्स बनाकर रखेंगे, तो परीक्षा के समय आसानी होगी। इसके साथ ही अपने स्लेबस में एक बार नजर दौड़ाकर देखिए जो विषय आपके लिए कठिन हैं, उनके भी नोट्स बनाएं। स्लेबस पर नजर डालने से फायदा यह होगा कि आपको अंदाजा लग जाएगा कि कौन से प्रश्न ज्यादा अंकों के आ सकते हैं।
कठिन और आसान विषयों के बीच समय का आवंटन
आप उन विषयों की सूची तैयार करें जो आपको कठिन लगते हैं। साथ ही उन विषयों की भी एक अलग सूची बना ले जो आपको बेहद आसान लगते हैं या जिनकी आप पहले भी तैयारी कर चुके हैं। अब ऐसे कठिन विषयों को परीक्षा की तैयारी के समय अधिक समय आवंटित करें। लेकिन ध्यान रहे आप उन विषयों को बिल्कुल नजरअंदाज ना करें जो आपको आसान लगते हैं। उन विषयों को भी थोड़ा समय दे और उनकी भी साथ ही तैयारी करें। इससे आप आसान विषयों के साथ-साथ मुश्किल विषयों पर भी अपनी पकड़ बना लेंगे। जिससे परीक्षा के लिए आपकी तैयारी बेहद सुलभ हो जाएगी।

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